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5/19/2022

पुखराज पहनने के फायदे !

   
                           
   

पुखराज पहनने के फायदे !


पुखराज रत्न को ज्योतिषशास्त्र में भी बहुत ही ज्यादा प्रभावशाली माना जाता है। मान्यता है कि, जिन जातकों को ये सूट कर जाए, उन्हें धन-दौलत की कभी कमी नहीं होती है।




 पुखराज रत्न पीले रंग का होता है और ये बृहस्पति का प्रतिनिधित्व करता है। जिन जातकों को ये सूट करता है माना जाता है कि, उन्हें 30 के ही अंदर ही इसका शुभ असर दिखना शुरू हो जाता है। इस रत्न के शुभ प्रभाव से व्यक्ति को जीवन के हर क्षेत्र में सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है। 


पुखराज रत्न के क्या फायदे होते हैं:---


यह जिगर की समस्याओं, पीलिया, पुरानी स्मृति हानि और अनिद्रा को ठीक करने में मदद करता है । इसके अलावा, एक पीला पुखराज रत्न जिगर, बुखार, भूख, सर्दी और खांसी और अपच की बीमारियों में फायदेमंद है। चूंकि यह पहनने वाले के मन को शांत करता है, यह मानसिक विकारों, आत्महत्या की प्रवृत्ति और तंत्रिका टूटने को ठीक करता है।


धन दौलत में बढ़ोतरी:----


मान्यता के अनुसार पुखराज रत्न धारण करने से धन की बढ़ोतरी होती है। इस रत्न को धारण करने के और फायदों कि बात करें तो, इसे धारण करने से ज्ञान और बुद्धि की भी वृद्धि भी होती है। व्यक्ति को उसके लक्ष्य प्राप्त करने में भी शक्ति मिलती है और उसके वैवाहिक जीवन में कभी भी खुशियों की कमी नहीं होती है। 

ये रत्न धीरज और शांति भी प्रदान करता है।


इस राशि के लोग धारण कर सकते हैं :--


कौन सी राशि के लोग धारण कर सकते हैं पुखराज को: पुखराज रत्न को कन्या,धनु ,मिथुन और वृषभ जातकों के लिए शुभ माना जाता है। इसे धारण करने से वहीं मीन राशि के जातकों में भाग्यवृद्धि होती है। लेकिन इसे धारण करने से पहले फिर भी, आप ज्योतिष की सलाह जरूर लें। पुखराज रत्न को तुला, मकर व कुम्भ जातकों के लिए शुभ नहीं माना जाता है।


पुखराज पहनने के नियम या विधि:----


पुखराज को सोने कि धातु में पहनना सबसे अच्छा माना जाता है। रत्न के वजन को ध्यान में रखने कि आवश्य्कता होती है। पुखराज रत्न को कम से कम 4 रत्ती का पहनना चाहिए। पुखराज रत्न को दूध, घी, शक्कर,गंगा जल में स्नान करा के फिर पीले पुष्प को अर्पित करें और ॐ ्््््््््् नमः मंत्र को 108 बार बोलते हुए ब्रस्पतिदेव का ध्यान करते हुए, पुखराज को तर्जनी ऊँगली में धारण कर लेना चाहिए।


किस उंगली में धारण करें :---


पुखराज को दाएं या बाएं हाथ की तर्जनी अर्थात अंगूठे के साथ वाली उंगली में सोने की अंगूठी में मार्निंग में अभिमंत्रित करवा कर ही धारण करना है !


किसके साथ कौन सा रत्न नहीं पहन सकते:---


मंत्र जाप के लिए भी रत्न सिद्धि के लिए किसी ज्ञानी की मदद भी ली जा सकती है। शनि और राहु के रत्न कुंडली के सूक्ष्म निरीक्षण के बाद ही पहनना चाहिए अन्यथा इनसे भयंकर नुकसान भी हो सकता है। * माणिक्य के साथ- नीलम, गोमेद, लहसुनिया वर्जित है। * मोती के साथ- हीरा, पन्ना, नीलम, गोमेद, लहसुनिया वर्जित है।


नोध : इस लेख में दी गई सभी बातें सामान्य जानकारी के लिए है हमारी पोस्ट इस लेख की कोई पुष्टि नहीं करता

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