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10/31/2020

प्रेम की मापतौल

   
                           
   

प्रेम की मापतौल 




❤️मेरे देखे दो बातें प्रेम के संबंध में बहुत ही भ्रामक और विषाक्त हैं जिन्होंने मानव जाति को कुंठित किया है ।


🌷प्रथम : जीवन में प्रेम एक ही बार होता है ।


प्रेम तो एक अविरल धारा है, जो हर वक्त बहती रहती है, कहीं भी बरस पड़ता है, कभी माता पर, कभी पिता पर, कभी बहन / भाई पर, कभी बच्चों पर,  कभी प्रेमी / प्रेमिका पर, कभी पत्नी / पति पर, कभी पेड़ पर, कभी फूल पर, कभी प्रकृति पर, कभी नदी पर, कभी पहाड़ पर, कभी किसी जानवर पर, कभी किसी मूर्ति पर, कभी कविता पर, कभी किसी गीत पर, कभी अपनी नई ड्रेस पे, कभी भोजन पे आदि आदि । प्रेम तो परमाणु बिजलीघर में होने वाले सतत परमाणु विस्फोट की तरह है जो एक सेकंड को भी नहीं रुकता ।


🌷दूसरी : प्रेम की मापतौल ।


आज तक जगत में ऐसा कोई उपकरण नहीं बना जो इसे नाप सके, मनुष्य खुद भी नहीं जान सकता, फिर भी लोग सवाल करते हैं, आप मुझे कितना प्यार करते हो ? मुझे ज्यादा करते हो या उसे ज्यादा करते हो ? आश्चर्यजनक ! जो व्यक्ति कह रहा है में तुम्हे सबसे ज्यादा प्रेम करता हूं या उससे ज्यादा तुम्हे प्रेम करता हूं वो सरासर झूठ बोल रहा है ।  और करोगे क्या जानकर कि कितना प्यार है, प्रेम है बस यही काफी है, तुम प्रेम से भरे हुए हो यही पर्याप्त है ।

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