VastuTip : किसे कहते हैं ईशान दिशा और क्यों ?
वास्तु अनुसार घर में पूर्व और उत्तर दिशाएं जहां पर
मिलती हैं उस स्थान को ईशान दिशा कहते हैं भगवान शिव का एक नाम ईशान भी है. चूंकि भगवान शिव का आधिपत्य उत्तर-पूर्व दिशा में होता है इसीलिए इस दिशा को ईशान कोण कहा जाता है. इस दिशा के स्वामी ग्रह बृहस्पति और केतु माने गए हैं.
▪︎क्या होना चाहिए ईशान में?
~ घर, शहर और शरीर का ईशान हिस्सा सबसे पवित्र होता है इसलिए इसे साफ-स्वच्छ और खाली रखा जाना चाहिए. यहां जल की स्थापना की जाती है जैसे कुआं, बोरिंग, मटका या फिर पीने के पानी का स्थान. इसके अलावा इस स्थान को पूजा का स्थान भी बनाया जा
सकता है.
घर के मुख्य द्वार का इस दिशा में होना वास्तु की दृष्टि से बेहद शुभ माना जाता है.
▪︎ क्या नहीं होना चाहिए ईशान में?
~ इस स्थान पर कूड़ा-करकट रखना, स्टोर, टॉयलेट, किचन वगैरह बनाना, लोहे का कोई भारी सामान रखना वर्जित है. इससे धन-संपत्ति का नाश और दुर्भाग्य का निर्माण होता है. ऐसा करने से आप बर्बादी के द्वारा खोल देंगे.

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