अंगुलबेल, डिठौन( अंगुली की सूजन ) ( Fielon, Whitlow )
परिचय :
अंगुली के अगले भाग (नाखून) में या अंगुली के मध्य भाग में जलन होकर सूजन पैदा हो जाती है जिससे उसके अंदर के तन्तु गलकर मवाद पैदा कर देते हैं। अंगुली के ऊपर की खाल मजबूत होने के कारण मवाद जल्दी से बाहर नहीं निकल पाता है जिसके कारण पीब में उत्पन्न जीवाणु फैलते हुए अंदर की ओर जाकर तन्तुओं में सड़न पैदा कर देते हैं। इसमें काट-फाड़ करने से अधिक दर्द होता है और समय पर मवाद को नहीं निकालने पर अंगुली खराब हो जाती है। अंगुलबेल अंगुली के आगे के भाग और नाखून या अंगुली के मध्य भाग में जलन व सूजन से पैदा होता है।
उपचार :
* 3 से 6 ग्राम नागदन्ती की जड़ का बारीक चूर्ण बनाकर निर्गुण्डी (सिनुआर) के पत्तों के रस और करंज के साथ रोजाना सुबह-शाम सेवन करने से अंगुलबेल रोग में रोगग्रस्त अंगुली ठीक हो जाती है।
* मुलेठी को अच्छी तरह से पीसकर घी के साथ अंगुली पर रखने से अंगुली का दर्द कम हो जाता है।
* अंगुली की सूजन व दर्द को कम करने के लिए पान के पत्तों को गर्म करके अंगुली पर बांधने से लाभ मिलता है।
* विल्व के पत्तों को अंगुली पर बांधने से अंगुलबेल रोग की दर्द व सूजन दूर हो जाती है।
* यवक्षार को तिलक्षार के साथ मिलाकर सूजन वाली अंगुली पर लगाने से अंगुली से मवाद निकलकर सूजन व दर्द जल्दी ठीक हो जाते हैं।
* पानी में ज्यादा काम करने से सर्दियों में अंगुलियों में सूजन या खाज हो जाए तो पानी में फिटकरी उबालकर इससे अंगुलियों को धोने से लाभ होता है।
* विशाला की जड़ और इन्द्रायण की जड़ को एकसाथ घिसकर अंगुलियों पर लगाने से अंगुली की सूजन और दर्द ठीक हो जाता है।
* 20 से 40 ग्राम सुगंधबाला को फेंटकर सुबह-शाम सेवन करने से अंगुलियों के अन्दर बन रहे जीवाणु नष्ट हो जाते हैं।
* व्याघ्रैण्ड का तेल या मज्जा (बीच का हिस्सा) को पीसकर अंगुली पर लगाने से सूजन व दर्द कम होता है। अंगुली फटकर घाव बन गया हो तो वो घाव भी ठीक हो जाता है।
* लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग से लगभग 1 ग्राम का तिलक्षार को छाछ के साथ सुबह-शाम सेवन करने से मवाद से भरी अंगुली में छेद हो जाता है और वो अंगुली कुछ ही दिन में ठीक हो जाती है।
* अंगुली की सुजन व जलन कम करने के लिए 20 से 40 मिलीलीटर सुगन्धवाला की फांट सुबह-शाम सेवन करने से लाभ मिलता है।
* सेंधानमक में सरसों का तेल मिलाकर गर्म करें तथा रात को इस तेल को अंगुलियों पर लगाकर मौजे पहन कर सोने से सूजन मिट जाती है।
* अंगुलियों की सूजन में सागीन (सागवान) के पत्तों को घिसकर अंगुलीयों पर बांधने से सूजन दूर हो जाती है।
* घी और गुग्गुल की मलहम बनाकर अंगुलबेल के घाव पर लेप करने से घाव का दर्द दूर हो जाता है।
* चीता (चित्रक) को अच्छी तरह से पीसकर लेप करने से अंगुली के भीतर का मवाद बाहर आ जाता है और यह अंदर की सड़न को भी रोकता है।
* धतूरे के पत्तों को पीसकर, उसमें शहद मिलाकर लेप करने से मवाद वाली अंगुली में छेद होकर पीब निकल जाती है और रोगी की अंगुली जल्दी ठीक हो जाती है।
* सर्दी के कारण अंगुलियों में सूजन हो तो मटर उबालकर उस पानी में 1 चम्मच तिल का तेल डालकर अंगुलियों का सेंक करें। बाद में इसी पानी से अंगुलियों को धोने से सूजन मिट जाती हैं।
* 50 ग्राम शलगम को 1 लीटर पानी में उबालें। इस पानी में हाथ-पैर रखने से अंगुलियों की सूजन खत्म हो जाती है।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. हमारी ये पोस्ट इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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