Desh Bhakti Geet : है प्रीत जहां की रीत सदा
है प्रीत जहां की रीत सदा
मैं गीत वहां के गाता हूं
भारत का रहने वाला हूं
भारत की बात सुनाता हूं
है प्रीत जहां की रीत सदा
काले-गोरे का भेद नहीं
हर दिल से हमारा नाता है
कुछ और ना आता हो हमको
हमें प्यार निभाना आता है
जिसे मान चुकी सारी दुनिया
ओ जिसे मान चुकी सारी दुनिया
मैं बात...
मैं बात वही दोहराता हूं
भारत का रहने वाला हूं
भारत की बात सुनाता हूं
है प्रीत जहां की रीत सदा
जीते हो किसी ने देश तो क्या
हमने तो दिलों को जीता है
जहां राम अभी तक है नर में
नारी में अभी तक सीता है
इतने पावन हैं लोग जहां
ऊतने पावन हैं लोग जहां
मैं नित-नित...
मैं नित-नित शीश झुकाता हूं
भारत का रहने वाला हूं
भारत की बात सुनाता हूं
ईतनी ममता नदियों को भी
जहां माता कह के बुलाते हैं
इतना आदर इंसान तो क्या
पत्थर भी पूजे जाते हैं
उस धरती पर मैंने जन्म लिया
उस धरती पर मैंने जन्म लिया
ये सोच...
ये सोच के मैं इतराता हूं
भारत का रहने वाला हूं
भारत की बात सुनाता हूं
है प्रीत जहां की रीत सदा
🇮🇳🇮🇳🇮🇳 जय हिन्द 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳

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