हल्दी वाला दूध इन चार तरह के लोगों को नहीं पीना चाहिए
डॉ. राजन गांधी
फिजिशियन
अनुभव- 25 साल
Medically Reviewed by Dr. Rajan Gandhi
अगर व्यक्ति को स्वस्थ रहना है, बीमारियों से कोसों दूर रहना है तो उसे कई बातों का ध्यान रखना होता है। जैसे- हल्दी वाले दूध का सेवन करना। दरअसल, इस दूध में एक अलग तरह की हीलिंग पावर होती है जो मानव शरीर को कई फायदे देती है। सर्दी-जुकाम हो रहा हो या फिर शरीर पर कोई चोट लगी हो। इन सभी समय पर हल्दी वाला दूध मरीज को दिया जाता है, ताकि उसे लाभ मिल सके। यही नहीं, हल्दी वाले दूध को काफी कारगर माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि किन लोगों को हल्दी वाले दूध का सेवन नहीं करना चाहिए? शायद नहीं, तो चलिए हम आपको बताते हैं कि किन लोगों को हल्दी वाले दूध का सेवन करने से बचना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि ये दूध इन लोगों को फायदे की जगह नुकसान भी दे सकता है। तो चलिए जानते है कौन हैं ये लोग, जिन्हें इस दूध का सेवन नहीं करना चाहिए।
लिवर की समस्या से जूझ रहे लोग
(1) अगर आप लिवर से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या से जूझ रहे हैं, तो फिर आपको हल्दी वाले दूध का सेवन करने से बचना चाहिए। ये दूध आपकी इस दिक्कत को और भी बढ़ा सकता है। इसलिए इसका सेवन न ही करें, तो बेहतर रहता है।
गर्भवती महिलाएं
(2) हल्दी वाला दूध का सेवन करने से पेट में गर्मी बढ जाती है, और दूसरी तरफ ये गर्भाशय का संकुचन, गर्भाशय में रक्त स्रव या फिर गर्भाशय में ऐंठन पैदा कर सकती है। इसलिए खासतौर पर गर्भाधारण करने के लिए तीन महीने के अंदर तो हल्दी वाले दूध का सेवन करने से बचना चाहिए, क्योंकि ऐसा करना खतरनाक भी हो सकता है।
एलर्जी की समस्या वाले लोगों को
(3) अगर आपको एलर्जी है और वो भी किसी गर्म चीज या गर्म मसाले खाने से, तो ऐसे में आपको हल्दी वाला दूध नहीं पीना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि ये दूध आपकी एलर्जी को कम करने की जगह और भी बढ़ा सकता है। इसलिए इससे ऐसे लोगों को दूरी बनाकर रखनी चाहिए।
जो लोग फैमिली प्लानिंग कर रहे हों
(4) अगर आप अपनी फैमिली प्लानिंग यानि परिवार को बढ़ाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आपको कोशिश करनी चाहिए कि आप हल्दी वाले दूध का सेवन या तो न करें या फिर संयमित रूप से ही करें। ऐसा इसलिए क्योंकि हल्दी टेस्टोस्टेरॉन के स्तर को कम कर देती है, जिससे स्पर्म की सक्रियता में कमी आ जाती है।
नोट: डॉ. राजन गांधी अत्याधिक योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसके बाद इन्होंने सीएच में डिप्लोमा पूरा किया। फिलहाल यह आईसीएचएच से वह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। यह आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है।
अस्वीकरण: इस लेख की जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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