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8/30/2021

दक्षिणावर्ती शंख / Dakshinavarti shankh

   
                           
   

दक्षिणावर्ती शंख / Dakshinavarti shankh




हमारे धर्म ग्रंथों में दक्षिणावर्ती शंख के अनेकों प्रकार से चमत्‍कारिक वर्णन मिलते हैं। दक्षिणावर्ती शंख का घर में होना बहुत ही शुभ माना जाता है। यह आध्‍यात्मिक दृष्टि से भी महत्‍वपूर्ण है और वास्‍तु के हिसाब से भी माना जाता है कि इस शंख को घर में रखने से पॉजिटिव एनर्जी आती है। शंख को आकृति के आधार पर 3 श्रेणियों में रखा गया है। दक्षिणावर्ती शंख अर्थात दाएं हाथ से पकड़ा जाने वाला, वामावर्ती अर्थात बाएं हाथ से पकड़ा जाने वाला और मध्‍यावर्ती अर्थात बीच में खुले मुंह वाला शंख। इन तीनों में सबसे दुर्लभ दक्षिणावर्ती शंख माना जाता है।


1/6 नकारात्मक शक्तियों का प्रवेश नहीं


जिस घर में यह शंख रहता है वह कभी भी धन-धान्‍य से रिक्‍त नहीं रहता। भगवान विष्‍णु का आयुध होने के कारण यह अत्‍यंत मंगलकारी है। जिस परिवार में विधि विधान के साथ इसकी स्‍थापना की जाती है, वहां भूत, प्रेत, पिशाच और नकारात्मक शक्तियों का का प्रवेश नहीं होता है।


2/6 शत्रु नहीं पहुंचा पाते हानि


माना जाता है कि शत्रु पक्ष कितना भी बलशाली क्‍यों न हो इसके प्रभाव से हानि नहीं पहुंचा पाता। इतना ही नहीं इसके प्रभाव से दुर्घटना, मृत्‍यु-भय, चोरी आदि से भी रक्षा होती है।


3/6 लक्ष्‍मी को प्राप्‍ति में सहायक


शास्‍त्रों में लक्ष्‍मी को प्राप्‍त करने और उन्‍हें स्‍थाई रूप से निवास देने का एक मात्र प्रयोग दक्षिणावर्ती शंख ही है। इसके प्रयोग से ऋण, दरिद्रता, रोग आदि मिट जाते हैं और सब प्रकार से संपन्‍नता आने लगती है।


4/6 विश्‍वामित्र संहिता में है ऐसा वर्णन


दक्षिणावर्ती शंख के प्रयोग से जो सफलता मिलती है वह आश्‍चर्यजनक रूप से अद्वितीय है। धन वर्षा करने और सुख समृद्धि प्रदान करने में इसकी कोई तुलना नहीं है।


5/6 मार्कण्‍डेय पुराण के अनुसार


मां लक्ष्‍मी के प्रयोगों में दक्षिणावर्ती शंख प्रयोग ही सर्वाधिक उपयोगी उपाय है। इसके प्रयोग से मां लक्ष्‍मी की कृपा आप पर बनी रहती है। दक्षिणवर्ती शंख को देवी लक्ष्मी के साथ प्रकट हुआ माना जाता है।


6/6 विष्‍णुपुराण में दक्षिणावर्ती शंख का महत्‍व


समुद्र मंथन से प्राप्‍त 14 रत्‍नों में शंख माता लक्ष्‍मी का सहोदर भाई है। अत: जहां शंख है वहां मां लक्ष्‍मी का वास है। स्‍वर्ग लोक में भी अष्‍ट सिद्धियों और नवनिधियों में भी शंख का स्‍थान महत्‍वपूर्ण है। धार्मिक कार्यों, अनुष्‍ठान-साधना, तांत्रिक क्रियाओं में भी शंख का प्रयोग हमेशा से फलदायी माना जाता रहा है।

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