आस्था और विश्वास / Aastha Aur Vishwas
🌺 पुराने जमाने की बात है , ऋषिकेश मे एक महात्मा जी अपने शिष्यों के साथ आश्रम 🎪 मे रहते थे ...
🌺 वह जन्मजात अंन्धे थे ...
🌺 उनकी साधारण दिनचर्या मे दो कार्य विशेष तौर पर किये जाते थे , एक वह नित्य अपने शिष्यों और जनता को धार्मिक प्रवचन देते थे ,
दूसरे वह नित्य संध्या काल मे पहाडी पर अकेले घूमने जाया करते थे ...
🌺 उनके अनेकों शिष्यों मे से एक शिष्य इस बात से अति विचलित हो जाता था , जब तक महात्मा जी लौट कर नहीं आ जाते वह परेशान रहता था ...
🌺 एकदिन उसने अपने गुरु जी से कहा कि आप नित्य अकेले ही पहाड़ियों पर घूमने जाते हैं जिनके दोनों तरफ गहरी - गहरी खाईयां है , पानी भी बहता रहता है , फिसलन भी होती है , क्या आपको गिर जाने का डर नहीं लगता ?
🌺 महात्मा जी ने उस समय अपने इस शिष्य को कोई उत्तर नहीं दिया । अगले दिन जब वह संध्या काल मे पहाड़ियों पर घूमने जाने के लिये चलने लगे , तब उन्होंने अपने उस जिज्ञासु शिष्य को बुलाया और अपने साथ चलने के लिये कहा ....
🌺 उन्होंने उस शिष्य से कहा कि , तुम मेरे साथ ही पहाड़ी पर चढते रहना और जब कोई गहरी खाई आये , तब मुझे बता देना ...
🌺 गहरी खाई आने पर शिष्य ने जब महात्मा जी को बताया कि , सामने खाई आ गई है , गुरु जी ने कहा कि , तुम मुझे उस खाई मे जोर से धक्का दे दो ...
🌺 शिष्य विचलित हुआ और बोला कि मै ऐसा नहीं कर सकता ...
🌺 महात्मा जी ने कहा कि , तुम्हारे इस तरह अवज्ञा करने के कारण , तुम्हारे पुण्य क्षीण हो जायेंगे और नरक मे जाना पडेगा ...
🌺 शिष्य ने कहा कि चाहे मुझे कितने ही घनघोर नरक मे जाना पडे , आप मेरे पूज्य हैं अतः मै आपको खाई मे धक्का नहीं दूंगा , और जब आप मेरे साथ हैं तो मुझे किसी भी नरक मे जाने का भय नहीं , यही मेरा निश्चय है ...
🌺 इस पर गुरु जी प्रसन्न हुये और कहा कि जब सब कुछ जानते हुए तुम मुझे खाई मे धकेल नहीं सकते हो , तो , उसी तरह मेरा भगवान भी मुझे खाई मे गिरने नहीं देता है , जब मै घूमने आता हूँ , मेरा ईश्वर हर कदम मेरी रक्षा स्वयं करता है ...
🌺 यही वह समर्पण है जो हम अपने आपको अपने ईश्वर के समक्ष कर देते है , तो वह , हर कदम , हर क्षण हमारी रक्षा करता है , हमें वह भले ही ना दिखाई देता हो परन्तु वह हर समय हमे देखता है , हमारी रक्षा करके हमे मार्ग दर्शित भी करता रहता है , उनके द्वारा प्रदान की गई इस अनुभूति से ही हम जीवन मे प्रगतिशील होते हुये आगे बढते हैं।
🌺 यही मेरी आस्था और विश्वास है अपने भगवान पर , जिनके साये मे मैं हर समय सुरक्षित रहता हूँ !
🙏🔥💥 जो भगवान के चरणों मे तन मन धन और चित्त , से समर्पित हो जाता है भगवान उसकी रक्षा का जिम्मा स्वय उठाते है , इसी कारण से मै निडरतापूर्वक पहाड़ी पर चढ जाता हूँ 💥🔥🙏
🏵️ शरणागतदीनार्थ पारित्राणपरायणे ।
सर्वेस्यार्थि हरे देवी नारायणी नमोस्तुते ।।
🏵️ मातसत्मय प्राप्ति नास्ति तत्समा न ही ।
एवं ज्ञतवा महादेवी यथायोग्यं तथा कुरु ।।
🏵️सौंप दिया इस जीवन का हर भार तुम्हारे हाथों में ,
अब जीत तुम्हारे हाथों में और हार भी तुम्हारे हाथों में 🏵️
🏵️ तेरा राम जी करेंगे बेडा पार उदासी मन काहे को भटके रे ...
डोरी अपने जीवन की सौंप कर तो देख प्रभु के हाथ , तेरी हो जायेगी हर मुश्किल आसान ...🏵️
🙏🌸🌼जय श्री राधे कृष्णा जी, जय श्री हरि 🌼🌸🙏

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