फ्लेमिंगो लंबा, सुन्दर और खूबसूरती से रंगीन पक्षी हैं जो उथले पानी में रहते हैं
फ्लेमिंगो सामाजिक पक्षी हैं जो झुंड में रहते हैं, कभी-कभी हजारों की संख्या में भोजन की तलाश में दलदलीय क्षेत्र वाले इलाकों में आवास करते हैं | यह तस्वीर कच्छ के खादिर टापू की है जहाँ फ्लेमिंगो के अलावा कई अनेकों पक्षी हजारों किलोमीटर का सफ़र करके सदियों के दिनों में कच्छ के रण विस्तार में पडाव डालते हैं| जैसे ही इस जगह पर पानी सूख कर सफेद नमक की चादर ओढ़ लेता है और गरमी के दिन आने लग जातें हैं तो यह पक्षी यहाँ से धिरे-धिरे पलायन हो जायेंगे |
ग्रेटर फ्लेमिंगो का मूल ठिकाना यूं तो अफ्रीका, यूरोपीय देश के साथ ही दक्षिण एशिया में है, लेकिन सर्दियों में भारत के कुछ भागों से अन्य स्थानों पर प्रवास करता है। ग्रेटर फ्लेमिंगो की भव्यता तब प्रतीत होती है जब यह उडता है, इसके पंखो के दीर्घ विस्तार और लम्बे पैरो की मदद से यह पक्षी बडे ही कम समय में मात्र 2-3 बार पंख फडफडा कर फ्लाइट भरता है जो की देखने लायक होती है। इन पक्षियों का आकार करीब 120 से 130 सेमी है। भारत में इसकी दो प्रजाति ग्रेटर और लेसर फ्लेमिंगो है जो की गुजरात (कच्छ का रण), सिवरी तथा मुंबई की खाड़ी में हजारों की तादाद में पाए जाते है । फ्लेमिंगो शांतिप्रिय और प्रदूषण रहित वातावरण में रहना ज्यादा पसंद करते हैं ..

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