एक आदमी महा कंजूस था..पढ़िए मज़ेदार जोक्स
एक आदमी महा कंजूस था।
उसने एक शीशी में घी भर कर उसका मुँह बंद किया हुआ था।
जब वह और उसके बेटे खाना खाते तब शीशी को रोटी से रगड़ कर खाना खा लेते थे।
एक बार महा कंजूस किसी काम से बाहर चला गया।
लौटने पर उसने बेटों से पूछा: खाना खा लिया था।
बेटे बोले: हाँ।
महा कंजूस: पर शीशी तो मैं अलमारी में बंद करके गया था।
बेटे बोले: हमने अलमारी के हैंडल से रोटियाँ रगड़ कर खा लीं।.
महा कंजूस नाराज हो कर बोला:-
नालायकों, क्या तुम लोग एक दिन बिना घी के खाना नहीं खा सकते थेे।
बेटे बेहोश!
———————————————————————————————
छोरा : बाबू जे आपणे भैस होंदी, उसका गोबर
कोण गैर के आवै ए..?
बाबू – तेरी बहु।
छोरा – कड़े है बहु..?
बाबू – फेर ।
———————————————————————————————
टीचर: रजनीकांत की फ़िल्म ‘रोबोट‘ से क्या सीखने को मिलता है?
छात्र: यही कि लड़की सिर्फ इंसान का ही नहीं,
मशीन का भी दिमाग खराब कर सकती है !!
———————————————————————————————
एक काली अफ्रीकन लड़की को भगवान ने पंख दिए
तो
वह खुशी से बोली- wow
भगवान क्या अब मैं परी बन गई हूं?
भगवान- नहीं रे पगली, तुम अब चमगादड़ बन गई हो।
———————————————————————————————
परिक्षा पत्र का एक प्रश्न :-
यह वाक्य किसने किससे कहा…? आपसे मिलकर खुशी हुई !
उत्तर :- खुशी की माँ ने, खुशी के पिता से…! …..
पेपर चेक करने वाले ने नोकरी छोड़ दी है।
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
अगर आपको हमारे जोक्स पसंद आए हो तो इसे लाईक
करे ओर फोलो करे 🙏

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
If you have any doubts,please let me know