ऐसा रहस्यमयी मंदिर जहां चढ़ाया हुआ जल हो जाता है ग़ायब
दोस्तों, जैसा हम जानते हैं कि हमारे भारत देश में लाखों मंदिर हैं और हर मंदिर की अपनी कोई ना कोई ख़ास विशेषता होती है। भारत में देवों के देव 'महादेव' के कई मंदिर हैं और हर मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहता है।
आज हम भगवान शिव के एक ऐसे ही रहस्मयी मंदिर के बारे में बात करेंगे जो इतना रहस्यमयी है कि इस मंदिर में शिवलिंग पर चढ़ाया गया सारा जल ग़ायब हो जाता है। जिसके कारण इस मंदिर की दूर-दूर तक प्रसिद्धि है। कल्याणेश्वर महादेव का मंदिर ‘गढ़मुक्तेश्वर’ के प्रसिद्ध मंदिर ‘मुक्तीश्वर महादेव’से चार किलोमीटर की दूरी पर उत्तर दिशा में स्थित है। गढ़मुक्तेश्वर, भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के हापुड़ ज़िले में स्थित है।
आइए जानें इसके रहस्यों के बारे में...
न जाने कहां समा जाता है जल?
दरअसल कल्याणेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों द्वारा शिवलिंग पर चढ़ाया हुआ जल और दूध, भूमि में समा जाता है। इस रहस्य का पता आज तक नहीं चल पाया है कि आख़िर वह जल कहाँ जाता है। कई बार इस रहस्य को जानने की कोशिश की गई, लेकिन हर बार असफलता ही हाथ लगी।
पौराणिक कथा
पौराणिक मान्यता के अनुसार कहा जाता है कि एक बार प्रसिद्ध राजा नल ने यहाँ शिवलिंग का जलाभिषेक किया था, किंतु उनके देखते ही देखते शिवलिंग पर चढ़ाया हुआ जल, भूमि में समा गया। यह चमत्कार देखकर राजा नल आश्चर्यचकित हो गए और इस रहस्य को जानने के लिए राजा ने हज़ारों गंगाजल के घड़े शिवलिगं पर चढ़ाए, पर वह सारा जल कहां समा गया कुछ पता नहीं चला। राजा नल इस रहस्य का पता नहीं लगा पाए। अंत में राजा, भगवान शिव से क्षमा मांग कर अपने देश को लौट गए।
गढ़ मुक्तेश्वर
पौराणिक और ऐतिहासिक शिव मंदिर के अतिरिक्त गढ़मुक्तेश्वर भी प्रसिद्ध है। शिवपुराण के अनुसार, यहाँ पर अभिशप्त शिवगणों की पिशाच योनि से मुक्ति हुई थी, इसलिए इस तीर्थ का नाम ‘गढ़ मुक्तेश्वर’ (गणों को मुक्त करने वाले ईश्वर) नाम से प्रसिद्ध हुआ।
पौराणिक महत्त्व
भागवत पुराण व महाभारत के अनुसार यह कुरु की राजधानी हस्तिनापुर का भाग था। आज पर्यटकों को यहाँ की ऐतिहासिकता और आध्यात्मिकता के साथ-साथ प्राकृतिक सुन्दरता भी ख़ूब लुभाती है।

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