हाथ-पैर में खुजली, लक्षणों को न करें अनदेखा
जानना जरूरी: एलर्जी ही नहीं, इन बीमारियों के कारण भी हो सकती है हाथ-पैर में खुजली, लक्षणों को न करें अनदेखा
मौसम बदलने, त्वचा में पर्याप्त नमी की कमी या मच्छर आदि के काटने पर कभी-कभार हाथ या पैरों में खुलजी होना एक आम स्थिति है लेकिन अगर यह खुजली निरंतर जारी रहे और इसकी वजह से त्वचा मुश्किल में पड़ने लगे तो इस तरफ ध्यान देना जरूरी हो जाता है। इस खुजली के पीछे सामान्य एलर्जी से लेकर सोरायसिस और डायबिटीज जैसी स्थितियां भी हो सकती हैं। समय पर कारण जानकर यदि उपचार ले लिया जाए तो समस्या को नियंत्रित भी किया जा सकता है और खुजली से राहत भी मिल सकती है।
खुजली होने पर त्वचा का लाल हो जाना, खरोंचे पड़ना या फुंसी सी उभर आना भी एक आम बात है। कई बार त्वचा से पपड़ी सी भी निकलने लगती है। लेकिन यदि यह खुजली किसी अन्य शारीरिक स्थिति की वजह से हो रही है तो त्वचा पर पड़ने वाली लाली, फुंसी और खरोंचे बनी रह सकती है। इसका असर केवल त्वचा पर नहीं शरीर के भीतरी हिस्से पर भी पड़ सकता है, इसलिए जरूरी है कि खुजली के लगातार बने रहने पर डॉक्टर से परामर्श लिया जाए। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि किन बीमारियों के कारण खुजली की दिक्कत बढ़ सकती है?
डायबिटीज का संकेत हो सकती है खुजली
रक्त में शर्करा के स्तर का बढ़ जाना डायबिटीज का कारण बनता है, और इस समस्या के कारण त्वचा से संबंधित कई दिक्कतें हो सकती हैं। डायबिटीज के कारण जेंथोमेटोसिस जैसी तकलीफ भी हो सकती है जिसमें हाथ-पैरों में खुजली के साथ ही पीले रंग की फुंसियां या उभार जैसे लक्षण दिख सकते हैं। डायबिटीज को नियंत्रित रखकर इन दिक्कतों से छुटकारा पाया जा सकता है।
सोरायसिस और एक्ज़ीमा के कारण खुजली की दिक्कत
त्वचा की कोशिकाओं के बहुत तेजी से बढ़ने और एक के ऊपर एक इकट्ठी होने लगने की स्थिति सोरायसिस का कारण बन सकती है। हथेलियों और तलवों में खुजली इसका एक लक्षण हो सकती है। इसके साथ ही त्वचा का लाल होना, पपड़ी जमना, जोड़ों में दर्द, अकड़न और सूजन, शरीर में अन्य जगहों पर सूजन होना आदि भी इसके लक्षण हो सकते हैं।
एक्ज़िमा की वजह से भी खुजली पैदा हो सकती है। एक्ज़ीमा असल में कई सारी स्थितियों का एक समूह है। इसमें खुजली के अलावा छाले, लाल दरारों वाली या पपड़ीदार चमड़ी भी बन सकती है।
खुजली के इन कारणों के बारे में भी जानिए
* एलर्जी: कपड़ों से लेकर किसी प्रकार के कैमिकल के सम्पर्क में आने, परफ्यूम या इत्र लगाने, किसी धातु के गहने पहनने या किसी बाहरी कण के सम्पर्क में आने से एलर्जी की समस्या हो सकती है। इसके कारण हाथ-पैरों में खुजली, जलन, रैशेज और फफोले दिख सकते हैं। सामान्यतौर पर इसके लक्षण कुछ ही समय में ठीक भी हो जाते हैं।
* कीड़ों के काटने से खुजली: मच्छरों से लेकर खटमल और अन्य कई प्रकार के कीड़ों के काटने के कारण भी खुजली की समस्या हो सकती है। कुछ कीड़े त्वचा की पहली परत पर घाव जैसा बनाकर उसमें अंडे दे देते हैं जिससे समस्या अधिक गंभीर हो सकती है। इसकी वजह से त्वचा पर खुजली, छोटी-छोटी फुंसियों वाले रैश होना, छाले होना या पपड़ी निकलना, घाव होना आदि दिक्कतें होती हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
हाथ-पैरों में लगातार बनी रहने वाली खुजली को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। इससे समस्या के और बढ़ने की आशंका तो होती ही है साथ ही त्वचा को क्षति भी पहुंच सकती है। सामान्य खुजली के लिए मॉइश्चराइजर, लोशन या क्रीम के जरिए त्वचा के रूखेपन को दूर किया जा सकता है। एलर्जी की स्थिति में या एक-दो दिन में आराम न मिलने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: हमारी पोस्ट इस जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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