श्रीस्वामीनारायण मंदिर.( रॉबिन्सविले,न्यूजर्सी, अमेरिका )
- ये मंदिर न्यूजर्सी के रॉबिंसविले में स्थित है, जिसका निर्माण बोचासनवासी अक्षर पुरषोत्तम स्वामीनारायण संस्था ने करवाया है।
⚡- तकरीबन एक हजार करोड़ रुपए की लागत से बना ये अक्षरधाम मंदिर क्षेत्रफल के हिसाब से (162 एकड़) विश्व का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है।
⚡यह मंदिर 134 फुट लंबा और 87 फुट चौड़ा है। इसमें 108 खंभे और तीन गर्भगृह हैं। इस मंदिर को शिल्पशास्त्र के मुताबिक बनाया गया है।
⚡- इस मंदिर में 68 हजार क्यूबिक फीट इटालियन करारा मार्बल का इस्तेमाल हुआ है। मंदिर की आर्टिस्टिक डिजाइन के लिए किया गया है।
⚡इटालियन करारा मार्बल का इस्तेमाल हुआ है। मंदिर की आर्टिस्टिक डिजाइन के लिए 13,499 पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है।
⚡- पत्थरों पर नक्काशी का पूरा काम भारत में ही करवाया गया है। नक्काशी का काम पूरा हो जाने के बाद इन्हें समुद्री रास्ते से न्यूजर्सी पहुंचाया गया था। - वहीं, भारत में सबसे बड़ा मंदिर तमिलनाडु के श्रीरंगम में 156 एकड़ के एरिया में बना है, जिसका नाम श्री रंगनाथ स्वामी मंदिर है।
⚡मंदिर परिसर 162 एकड़ के क्षेत्र में है,सबसे बड़े मंदिर परिसरों में से एक...... यह मंदिर 68,000 क्यूबिक फीट इटैलियन करारा संगमरमर का उपयोग करके नागरदी शैली में बनाया गया था।
राजस्थान में 2,000 शिल्पियों ने इतालवी और राजस्थानी संगमरमर से मंदिर का निर्माण किया था, तैयार शिलाओं को फिर विशेषज्ञ शिल्पियों के एक समूह द्वारा 'न्यू जर्सी' में बुलवाकर तैयार कराया गया है।
⚡इसमें अमेरिका के न्यूजर्सी का मंदिर भारत के बाहर पहला सबसे बड़ा मंदिर है। एरिया के लिहाज से इसे दुनिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर कहा जाता है। मंदिर में लगे 13,499 पत्थरों भारत से न्यूजर्सी भेजा गया था। मंदिर में लगे पत्थरों की भारत में हुई थी नक्काशी. इन सुंदर चमत्कारों की आकर्षण और भव्यता आश्चर्यजनक है!
1000 सालो तक यूं ही
खड़ा रहेगा मंदिर -
🌹🌹🌹🌹
अमेरिकी जर्नलिस्ट स्टीव ट्रेडर ने बीएपीएस श्री स्वामीनारायण मंदिर के दर्शन कर न्यूजवर्क्स साइट पर लिखा है, 'मंदिर में प्रवेश करने के बाद अद्भुत कलाकृतियों पर से नजरें हटाना बहुत मुश्किल है।" - उन्होंने लिखा कि इसके अलावा मंदिर के इंटीरियर के अलावा आउटर भी इस तरह तैयार किया गया है कि यह मंदिर 1000 सालों तक यूं ही खड़ा रहेगा।
दुनिया के कई शहरों में हैं मंदिर
🌹🌹🌹🌹
- अक्षरधाम मंदिर अमेरिका के कई शहरों में बने हैं। एटलांटा, ह्यूस्टन, शिकागो, लॉस एंजिलिस सहित कनाडा के टोरंटो में भी मंदिर हैं।
⚡- इन्हें बनाने वाली मूल संस्था बीएपीएस (बोकसंवासी श्री अक्षर पुरूषोत्तम स्वामी नारायण संस्था) द्वारा गांधी नगर गुजरात और दिल्ली के यमुना तट पर बने मंदिरबहुत विशाल हैं।- गांधीनगर का मंदिर 23 एकड़ जबकि दिल्ली का 60 एकड़ में बना है। लेकिन राबिंसविल का मंदिर न केवल इनसे बड़ा बल्कि दुनिया के बारी सभी मंदिरों से भी बड़ा है।
🌹🌹🌹🌹

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
If you have any doubts,please let me know