( एकम्बरेश्वर मंदिर, कांचीपुरम, तमिलनाडु )
कोई क्रेन नहीं, कोई आधुनिक उपकरण नहीं, कोई इंजीनियरिंग तकनीक नहीं, कोई प्लानर नहीं, लेकिन हमारे पूर्वजों ने आधुनिक उपकरणों के बिना, बिना बिजली, कम्प्यूटर आदि के 100% सटीकता के साथ इसे बनाया . . .
600 ईसवी में निर्मित 1000 खंभों वाले इस मंदिर को देखिए . . .
क्या सच में टेक्नोलॉजी नहीं थी ?
क्या सच में हम अशिक्षित थे ?
क्या सच में उस समय गहन ज्ञान रखने वाले इंजीनियर नहीं थे ?
हजारों वर्ष के लिए सुदृढ़ निर्माण करने वाले प्लानर नहीं थे ?
उत्कृष्ट आर्किटेक्ट नहीं थे ?
या फिर वामपंथी इतिहासकारों ने हमसे झूठ बोला ताकि हम फिर से कभी गर्वित, शिक्षित, समृद्ध भारतवर्ष के इतिहास और वर्तमान ना बन सकें । कभी स्वाभिमान से मस्तक ऊँचा न कर सकें ?

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