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2/24/2021

गणेश चतुर्थी 2020

   
                           
   
 गणेश चतुर्थी 2020


 इस साल गणेश चतुर्थी 22 अगस्त को मनाई जाएगी. गणेश जी को सभी देवताओं में प्रथम पूजनीय माना गया है. गणेश चतुर्थी पर लोग गणेश जी को अपने घर लाते हैं, गणेश चतुर्थी के ग्यारहवें दिन धूमधाम के साथ उन्हें विसर्जित कर दिया जाता है और अगले साल जल्दी आने की प्रार्थना की जाती है.


पौराणिक मान्यताओं के अनुसार विघ्नहर्ता श्री गणेश जी का जन्म भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के दिन ही हुआ था, इसलिए इस दिन गणेश चतुर्थी या विनायक चतुर्थी मनाई जाती है.  गणेश जन्मोत्सव के दिन गणपति की विशेष आराधना की जाती है, ताकि वे व्यक्ति के जीवन के सभी संकटों का नाश कर उसकी हर मनोकामना को पूरा कर दे.
गणेश चतुर्थी मुहूर्त
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी ति​थि 21 अगस्त शुक्रवार की रात 11 बजकर 02 मिनट से शुरू होगी और 22 अगस्त शनिवार को शाम 07 बजकर 57 मिनट तक रहेगी.


धार्मिक मान्यता है कि गणेश चतुर्थी की पूजा हमेशा दोपहर के मुहूर्त में की जाती है क्योंकि गणेश जी का जन्म दोपहर में हुआ था.  22 अगस्त को दिन में 11 बजकर 06 मिनट से दोपहर 01 बजकर 42 मिनट के मध्य भगवान गणेश की पूजा की जा सकती है.


बप्पा को घर लाना
गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश को अपने घर लाने के लिए सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठना चाहिए. स्नानादि कर गणेश जी की प्रतिमा को घर लाकर विराजमान करें. यह ध्यान रखें कि इस दिन चंद्रमा के दर्शन करने वर्जित है.   किसी चौकी पर आसन लगाकर गणेश जी की प्रतिमा को स्थापित करना चाहिए. एक कलश में सुपारी डालें और नए कपड़े में बांधकर रखें. पूरे परिवार के साथ गणेश जी की पूजा करें, दुर्वा और सिंदूर अर्पित करें. गणेश जी को लड्डू या मोदक का भोग लगाएं. इसके बाद बाद लड्डूओं को प्रसाद के रुप में बांटें.


विसर्जन के दिन तक सुबह-शाह रोज गणेश जी की पूजा करनी चाहिए. गणेश जी की कथा पढ़ें, पूजा के अंत में गणेश जी की आरती गानी चाहिए. गणेश चालीसा का पाठ करें.

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