Surya grahan 2022 : साल का पहला सूर्य ग्रहण 30 अप्रैल को होगा
इस साल का पहला सूर्य ग्रहण 30 अप्रैल दिन शनिवार को लग रहा है. इस दिन आंशिक सूर्य ग्रहण है, जिसका सूतक काल भारत में मान्य नहीं होगा. पौराणिक कथा में सूर्य ग्रहण एवं चंद्र ग्रहण की कथा बताई गई है. आइए जानते हैं इसके बारे में.
इस साल का पहला सूर्य ग्रहण 30 अप्रैल दिन शनिवार को लग रहा है. इस दिन आंशिक सूर्य ग्रहण है, जिसका सूतक काल भारत में मान्य नहीं होगा. तिरुपति के ज्योतिषाचार्य आचार्या साक्षी के
अनुसार, यह सूर्य ग्रहण 30 अप्रैल को देर रात सवा 12 बजे शुरु होगा, इसका समापन 01 मई को सुबह 04:07 बजे होगा. आंशिक सूर्य ग्रहण होने के कारण उसका प्रभाव अपने यहां नहीं के बराबर ही होगा. पौराणिक कथा में सूर्य ग्रहण एवं चंद्र ग्रहण की कथा बताई गई है. आइए जानते हैं इसके बारे में.
सूर्य ग्रहण की कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, जब समुद्र मंथन के समय अमृत निकला था, तो देव और राक्षसों में उसे पहले पाने के लिए लड़ाई होने लगी. राक्षसों ने उस अमृत को छीन लिया था और वे सबसे पहले उसे पीकर अमर हो जाना चाहते थे.
तब भगवान विष्णु ने मोहिनी रुप धारण करके उस अमृत कलश हो प्राप्त कर लिया. फिर उन्होंने राक्षसों को समझाया कि देवों और तुमने साथ मिलकर इस अमृत को प्राप्त किया है, इसलिए दोनों को ही इसे प्राप्त करने का अधिकार है.
मोहिनी स्वरूप में भगवान विष्णु ने कहा कि वे पहले देवताओं को अमृत पान कराएंगे, उसके बाद असुरों की बारी आएगी. इसके लिए असुर मान गए. असुर और देव अपनी अपनी पंक्ति में बैठ गए. भगवान विष्णु देवताओं को अमृत पान कराने लगे.
इसी बीच एक राक्षस को लगा कि उन्हें अमृत नहीं मिलेगा, इसलिए उसने देवता का रुप धारण कर लिया और देवताओं की पंक्ति में जाकर बैठ गया. जब उसकी बारी आई, तो भगवान विष्णु ने उसे देवता समझकर अमृत पिलाले लगे. उसी दौरान चंद्र देव और सूर्य देव उसका भेद समझ गए और भगवान विष्णु को बताया कि आप जिसे अमृत पान करा रहे हैं, वह असुर है.
यदि असुर अमर हो जाता तो अनर्थ हो जाता, इसलिए भगवान विष्णु ने अपने चक्र से उसका सिर धड़ से अलग कर दिया. उस अमृत के प्रभाव से वह असुर मरा नहीं और उसका सिर एवं धड़ जीवित रहा. वही राहु और केतु के रूप में छद्म ग्रह बन गया.
हर वर्ष राहु और केतु सूर्य और चंद्रमा का ग्रास करने के लिए आते हैं, इसलिए हर साल चंद्र ग्रहण एवं सूर्य ग्रहण लगता है. यह है ग्रहण लगने की पौराणिक कथा
.मेष- मेष राशि वालों के लिए ग्रहण शुभ नहीं है। आपके सेहत में गिरावट हो सकती है। वाहन आदि चलाने में सावधानी बरतें।
वृषभ- वृषभ राशि वालों के लिए ग्रहण शुभ रहेगा। इस दौरान आपके मान-सम्मान में वृद्धि होगी। व्यापार में मुनाफा हो सकता है।
मिथुन- यह ग्रहण आपके लिए शुभ रहेगा। इस दौरान पुराने विवादों से मुक्ति मिल सकती है। मनोकामना पूरी होने के योग बनेंगे।
कर्क- कर्क राशि वालों के लिए ग्रहण शुभ नहीं है। दोस्तों के साथ वाद-विवाद हो सकता है। संतान की ओर से मानसिक दवाब रहेगा।
सिंह- सिंह राशि वालों को ग्रहण का लाभ मिलेगा। इस दौरान आपकी कोई समस्या हल हो सकती है।
कन्या- ग्रहण का प्रभाव आपकी राशि पर शुभ रहेगा। इस दौरान साहस और पराक्रम में वृद्धि हो सकती है।
तुला- तुला राशि वालों के जीवन पर ग्रहण का अशुभ प्रभाव पड़ेगा। इस दौरान वाणी पर कंट्रोल रखें।
वृश्चिक- सूर्य ग्रहण का आपकी राशि पर अशुभ प्रभाव पड़ेगा। इस दौरान मानसिक तनाव बढ़ सकता है। कार्यक्षेत्र में मुश्किलें आ सकती हैं।
धनु- धनु राशि वालों के लिए ग्रहण का प्रभाव अशुभ रहेगा। बेवजह धन खर्च हो सकता है। भागदौड़ हो सकती है।
मकर- मकर राशि वालों को व्यापार में तरक्की मिलने के योग बनेंगे। नौकरी पेशा वाले जातकों को करियर में नए अवसर मिल सकते हैं।
कुंभ- कुंभ राशि वालों के सूर्य ग्रहण शुभ रहेगा। इस दौरान अचानक धन लाभ हो सकता है।
मीन- मीन राशि वालों को ग्रहण के दौरान सावधान रहने की जरूरत है। बिना बात वाद-विवाद हो सकता है। वाहन चलाने में सावधानी बरतें। लाइक शेयर सब्सक्राइब फॉलो करें धन्यवाद तिब्बत एस्ट्रोलॉजर आचार्या साक्षी 🙏

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