Ppanchak

Ppanchak.blogspot.com आस्था, प्रेम, हिन्दी जोक्स, अपडेट न्युज, सामाजिक ज्ञान, रेसिपी, परिवाहिक धारा

Breaking

2/13/2022

सर्प मंदिर मन्नारशाला ( आलापुज्हा केरल )

   
                           
   

सर्प मंदिर मन्नारशाला आलापुज्हा केरल )


मन्नारशाला - एक अनोखा मंदिर जहा 30000 से ज्यादा नाग और सर्प मूर्तियॉ मौजूद है और सबकी पूजा होती है वह भी सिर्फ महिलाओं द्वारा

(मन्नारशाला - अलेप्पी - केरला)


वैसे तो भारत अजूबो का देश है ही और जितना हम इनको जानने का प्रयास करते है यह उतना ही और और विशाल नज़र आता है। देश में वैसे तो बहुत सारे मंदिर नाग और सर्पो को समर्पित है पर वह पर उनकी सिर्फ एक प्रतिमा की पूजा होती है पर केरल के मन्नारशाला में में एक ऐसा मंदिर है जहा सर्र्पो की 30000 से ज्यादा प्रतिमाये है जिसमे प्रमुख पूजा नागराज और उनकी साथिन नागयक्षी की होती है और सबसे बड़ी बात है की उनकी पूजा सिर्फ महिलाये ही करती है।


इस मंदिर की गिनती भारत के सात आश्चर्यो में होती है और कहा जाता है कि श्री भगवान परशुराम जी ने इस मंदिर की स्थापना करी थी। बताया जाता है महाभारत काल के दौरान यहाँ जंगल हुआ करता था जिसे जला दिया गया था और सिर्फ इस क्षेत्र में आग नहीं लगी थी तो नागराज और अन्य सर्पो ने यही पर शरण ली थी और तबसे यह जगह मन्नारशाला बनी।


इस क्षेत्र के पास में ही नम्बूदिरी का खानदानी घर है जहा की महिलाये विवाह होने के बाद भी ब्रह्मचर्य का पालन कर मंदिर में पूजा करती है। पूजा करने वाली महिला को अम्मा के नाम सम्बोधित करते है।


क्यों होती है नागराज की पूजा ?


कहते है नम्बूदिरी खानदान की एक महिला को बच्चा नहीं हो रहा था और उसने यहाँ वासुकि नागराज से प्रार्थना करी थी और उनके दो का जन्म हुआ जिसमे एक लड़का  था और एक पाँच सर लिए हुए नागराज थे, उन्हें इसी मंदिर में स्थापित किया गया और तबसे आज तक इनकी पूजा होती है। प्रबल मान्यता है  की यहाँ प्रार्थना करने से महिलाओं की सूनी गोद भर जाती है | इस मंदिर में बने हुए तालाब में कपड़ो सहित जोड़े से स्नान करने के बाद गीले कपड़ो में ही प्रार्थना की होती है और वह ज़रूर पूरी होती है।





कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

If you have any doubts,please let me know