गर्मियों की खट्टी-मीठी रानी : इमली
गर्मियों में इमली के नियमित सेवन से लू की संभावना खत्म होती है। इमली का पेय हल्के विरेचक का कार्य भी करता है। साथ ही धूप में रहने से पैदा हुए सिरदर्द को भी दूर करता है।
पकी इमली अपच को दूर कर मुंह का स्वाद ठीक करती है। यह क्षुधावर्धक भी है। इमली पेट के कीड़ों से छुटकारा पाने के लिए भी उपयोगी है।
इसे हृदय का टॉनिक भी माना जाता है। पित्त समस्याओं के लिए रोजाना रात को एक बेर के बराबर मात्रा इमली कुल्हड़ में भिगो दें। सुबह मसलकर छान लें। थोड़ा मीठा डालकर खाली पेट पी जाएं। छः-सात दिन में लाभ नजर आने लगेगा।
इमली की पत्तियों का पेस्ट सूजन के अलावा दाद पर भी लगाया जाता है।
इसके फूलों से भूख बढ़ने के अलावा व्यंजनों का स्वाद भी बढ़ता है। आयुर्वेद में इमली के बीजों के भी औषधीय उपयोग हैं। इसके बीजों का पावडर पानी में घोलकर बिच्छू के काटे पर लगाया जाता है।
इमली के बीजों को रातभर पानी में भिगोकर सुबह छील लें व पीठ दर्द के लिए खूब चबाकर खा लें। फायदा होगा।

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