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6/11/2021

5G नहीं, भारत में आएगा 5Gi, जानें क्यों खास है यह तकनीक

   
                           
   

5G नहींभारत में आएगा 5Gi, जानें क्यों खास है यह तकनीक


* By Ppanchak-June 11, 2021




5G शब्द इन दिनों टेक जगत में टॉप पर ट्रेंड कर रहा है। 5G SmartPhones भारतीय बाजार में काफी पहले ही दस्तक दे चुके थे वहीं अब इंडिया में 5G ट्रॉयल्स को अभी अनुमति मिल चुकी है। Reliance Jio, Airtel और Vodafone Idea समेत BSNL व MTNL भी अपने 5G Network के विस्तार की दिशा में काम शुरू का चुकी है। लेकिन क्या आप जानते हैं इंंडिया में जो नई इंटरनेट तकनीक आने वाली है उसका नाम 5G नहीं बल्कि 5Gi होगा ? जी हां, पूरी दुनिया जहां 5G Internet पर काम करेगी वहीं भारत के लोग 5Gi यूज़ करेंगे। यकिनन आपके मन में भी सवाल उठ रहे होंगे कि आखिर 5G और 5Gi में क्या फर्क है, भारत पूरी दुनिया से हटकर इस 5जीआई को क्यों लॉन्च कर रहा है और इंडियन यूजर्स को 5Gi से क्या फायदा होगा। इस सभी सवालों के जवाब हमने आगे देनें की कोशिश की है जिससे आप 5Gi के बारे में सबकुछ विस्तार में जान पाएंगे।


क्या है 5Gi


5Gi भारत द्वारा निर्मित यानी Made In India 5G है जिसका निर्माण IIT हैदराबाद और IIT मद्रास ने मिलकर किया है। भारतीयों को जानकर गर्व होगा कि Indian 5G स्टैंडर्ड को ITU अर्थात् इंटरनेशनल टेलीक्म्यूनिकेशन यूनियन की ओर से मान्यता दी गई है। और यह बात इसलिए भी अहम है क्योंकि आईटीयू ने पूरी दुनिया में अभी तक सिर्फ 3 स्टैंडर्ड को ही अप्रूव किया है जिनमें से एक भारतीय 5Gi भी है। यह तकनीक उन ही बैंड्स और स्पेक्ट्रम पर काम करेगी जिनपर 5जी काम करती है। वहीं जिन फ्रिक्वेंसी पर रेगुलर 5जी काम करेगा उन्हीं फ्रिक्वेंसी पर 5Gi रन करेगा। बताया जा रहा है कि 5जीआई में मिलिमीटर वेव तकनीक को भी इम्प्लिमेंट किया जा सकता है।


5Gi से फायदा


तेजी से तरक्की कर रहे इंडिया में अभी भी बड़ी जनसंख्या गॉंवों में बसती है। आज भी मोबाइल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी यह बड़ी चुनौती है कि दूर दराज के ईलाकों में बेहतर नेटवर्क कनेक्टिविटी दी जाए और 4G इंटरनेट स्पीड भी तेज रहे। 5Gi के साथ यही कोशिश की गई है कि देश के गांवों को भी अच्छी नेटवर्क कवरेज प्राप्त हो। 5जीआई के जरिये ज्यादा से ज्यादा क्षेत्र को हाई मिलिटर वेव से कनेक्ट किया जा सकता है और इसे डिप्लॉय करने का खर्चा कम है तथा यूज़ आसान है।


5Gi की राह में रूकावट


5G और 5Gi इन दोनों की अपनी-अपनी खासियत और तकनीक है। ऐसे में समस्या यह आ रही है कि ये दोनों नेटवर्क एक-दूसरे के साथ काम नहीं कर सकते हैं। यानी अगर 3GPP वाला 5जी नेटवर्क लागू कर दिया जाता है तो 5जीआई उसके साथ रन नहीं कर सकेगा वहीं दूसरी ओर 5जीआई नेटवर्क को एक्टिव कर दिया गया तो 5जी नेटवर्क उसके साथ काम नहीं कर पाएगा। सरल शब्दों में बताएं तो भारत में 5Gi को लागू कर दिया तो अपने देश में इस नेटवर्क को सपोर्ट करने वाले फोन व डिवाईस दूसरे देश में जाने पर वहां के 5G से कनेक्ट नहीं हो पाएंगे। इसी तरह विदेश से आने वाले लोग यहां पर 5Gi का यूज़ नहीं कर पाएंगे।


Jio, Airtel और VI की प्रतिक्रिया


भारत सरकार द्वारा देश में 5Gi को लागू करने की बात करने पर देश में मौजूद Reliance Jio, Airtel और Vodafone Idea जैसी टेलीकॉम कंपनियों ने इसका विरोध किया था। दरअसल Ericsson, Nokia, Samsung और Qualcomm जैसी कंपनियां 5जी के लिए उपकरण बना रही हैं और इनके साथ मिलकर टेलीकॉम कंपनियां पहले से ही ग्लोबल 5G नेटवर्क के राह में इन्वेस्टमेंट कर चुकी है, ऐसे में 5Gi के लिए से अपनी पूंजी लगाने में ये कंपनियां झिझक रही है। हालांकि Jio की ओर से यह कहा जा चुका है कि यदि इंडियन 5जीआई कम लागत में इंटरनेशनल 5जी जैसी सुविधा दे सकता है तो वह 5Gi में निवेश करने के लिए भी तैयार है। 


स्मार्टफोन मार्केट पर असर


Xiaomi, Realme, OPPO, Vivo, Samsung, Nokia, OnePlus, POCO और Apple समेत अन्य मोबाइल ब्रांड्स जो इंडिया में अपने 5G फोन लॉन्च कर चुके हैं या लाने की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए भी 5Gi समस्या खड़ी करने वाला है। दरअसल अभी तक जो 5G Phone इंडिया में लॉन्च हुए हैं वो 5जी के ग्लोबल स्टैंडर्ड और बैंड के हिसाब से बने हैं। लेकिन अगर इंडिया में 5Gi को डिप्लॉय कर दिया जाता हैं तो इन स्मार्टफोंस में मौजूद 5जी बैंड 5जीआई को सपोर्ट नहीं कर पाएगा। यानी ये सभी 5जी फोन बेकार हो जाएंगे और इनमें सिर्फ 4G नेटवर्क को चलाया जा सकेगा।




5Gi यकिनन भारत के लिए बेहद ही फायदेंमद सबित होने वाला है और इंडिया में अपना खुद का बनाया हुआ 5जी नेटवर्क उपलब्ध होगा तो यह पूरी दुनिया के सामने एक बड़ी उपलब्धि होगी। वहीं दूसरी ओर Indian 5G यानी 5जीआई के आने से देश के हर कोनें व दूर दराज के ईलाकों में भी मोबाइल नेटवर्क की पहुॅंच स्थापित हो जाएगा। बहरहाल इस क्षेत्र से जुड़ी कंपनी कंपनियां फिलहाल इसी जुगत में लगी है कि किस तरह से Made In India 5Gi और ग्लोबल 5G को ऐसे मोडिफाई किया जाए, कि ये दोनों बैंड्स एक साथ काम कर पाएं।

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